कालकथा कामतानाथ का अत्यंत महत्त्वपूर्ण और कालजयी उपन्यास है। इसका कालखण्ड द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति (1919) के आस-पास से शुरू होकर देश की आज़ादी (1947)और उसके बाद के वर्षों तक फैला हुआ है। इस एतिहासिक उपन्यास का मूल स्वर राजनीतिक घटनाओं का उल्लेख मात्र न होकर उस समय की सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों को पुनर्जीवित करना है जिसे एक तरह से उस दौर का सबाल्टर्न इतिहास कहा जा सकता है। इसमें काल विशेष की सामूहिक भावनाओं और उनके विरोधाभासों का भौगोलिक और ऐतिहासिक प्रामाणिकता के साथ इस तरह चित्रण किया गया है कि पूरा काल खण्ड जीवन्त हो उठता है और एैसा महसूस होता है जैसे 90-92 वर्ष पूर्व का ज़माना हम अपनी आँखों देख रहे हों। इतने बड़े सामाजिक एवं राजनीतिक फ़लक पर हिन्दी में यह पहला उपन्यास है। इस महान रचना के लिए इसके रचनाकार को हमेशा याद किया जायेगा।
Novel
KAALKATHA SET OF 4 VOLS. ( कालकथा ( चार खण्डों में ) ) Hardcover
Original price was: ₹3,000.00.₹2,700.00Current price is: ₹2,700.00.
Author – Kamtanath
लेखक – कामतानाथ






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