सन् 1990 से लेकर 2005 तक का समय स्वातं़़त्र्योत्तर भारत में उग्र साम्प्रदायिकता का रहा है। इस कालखंड में सृजित हिन्दी – साहित्य की विभिन्न विधाओं में अल्पसंख्यक तथा बहुसंख्यक साम्प्रदायिकता के कटृटर एवं उदार इन दोनों रूपों पर नितांत तटस्थ दृष्टि डालकर उसके अवबोधन को सामने लाने का प्रयास प्रस्तुत समीक्ष्य कृति में हुआ है।
Criticism
HINDI-SAHITYA ME VARNIT SAMPRADAYIKTA KA SWAROOP ( हिन्दी – साहित्य में वर्णित साम्प्रदायिकता का स्वरूप ) Hardcover
Original price was: ₹700.00.₹560.00Current price is: ₹560.00.
Author – Dattatrya Murumkar
लेखक: दत्तात्रय मुरुमकर






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