संस्कृतिकर्मी अनीश अंकुर की यह पुस्तक रंगमंच के समकालीन परिदृश्य में हस्तक्षेप की तरह है। इसमें रंगमंच के उन पहलुओं पर विचार किया गया है जिनपर अमूमन कम चर्चा होती है।
‘रंगमंच के सामाजिक सरोकार’ हमें भारतीय और विश्व रंगमंच के उन शख्सियतों से परिचित कराती है जिनके बगैर रंगमंच सम्बन्धी कोई बातचीत पूरी नहीं होती। ऐसे व्यक्तियों का रंगकर्म किन विचारों से प्रभावित रहा है, उसे यह पुस्तक सामने लाने की कोशिश करती है।
अनीश अंकुर ने रंगकर्म के अंदर के उठी बहसों, प्रवृत्तियों और परिघटनाओं पर कलम चलायी है। इन परिघटनाओं की पृष्ठभूमि में किस किस्म की समाजी व सियासी शक्तियाँ काम करती रही है इस ओर इशारा किया गया है।
बिहार विशेषकर पटना रंगमंच हिन्दी क्षेत्रा में अपनी सृजनात्मक गतिविधियों के अलावा बौ(िक और सामाजिक हस्तक्षेप के लिए भी जाना जाता है। पर इसके बारे में लिखा बहुत कम गया है। पुस्तक इस अभाव को पूरा करने की दिशा में एक कदम है।
इस पुस्तक में बिहार रंगमंच पर कापफी अच्छी सामग्री है। आलेखों, टिप्पणियों के आलावा रंगजगत के प्रमुख निर्देशकों व अभिनेताओं के दुर्लभ साक्षात्कार हैं। ये साक्षात्कार पाठकों को रंगकर्म के कई नए आयामों से परिचित करायेंगे।
अनीश अंकुर ने रंगमंच से जुड़े अपने उन साथियों को भी याद किया है जो अब इस दुनिया में नहीं हैं।
यह पुस्तक न सिपर्फ रंगकर्मियों के लिए बल्कि सामाजिक-राजनीतिक सरोकारों वाले हर व्यक्ति के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
Criticism, Drama/Theater
Rangmanch ke Samajik Sarokar ( रंगमंच के सामाजिक सरोकार ) Paperback
Original price was: ₹450.00.₹400.00Current price is: ₹400.00.
By Anish Ankur ( अनीश अंकुर )
| Weight | 0.700 kg |
|---|---|
| Dimensions | 24 × 14 × 3 cm |






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